Question 3: ‘प्रकृति-प्रदत्त प्रजनन-शक्ति के उपयोग का अधिकार बच्चे पैदा करें या न करें अथवा कितने बच्चे पैदा करें-इस की स्वतत्रता स्त्री सी छीनकर हमारी विश्व-व्यवस्था न न सिर्फ स्त्री की व्यक्तित्व-विकास के अनक अवसरों से वचित किया है बल्कि जनाधिक्य की समस्या भी पैदा की हैं।’ ऐन की डायरी के 13 जून, 1944 के अश में व्यक्त विचारों के सदर्भ में इस कथन का औचित्य ढूंढ़े।
Answer:
ऐन के अनुसार ओरतो को उनके हिस्से का सम्मान मिलना था पुरषों ने ओरतो पुरुष ही कमाकर लता था बच्चे पालता पोसता था और करना शुरु किया कि वे उनकी तुलना में वे शारीरिक रूप से ज्यादा सक्षम थे पुरुष ही कमाकर लाता था बच्चे पालता पोसता था और जो मन में आए करता था लेकिन हाल ही में बदली थी सोभाग्य से शिक्षा काम तथा प्रगति ने ओरतो की आँखे खोली थी ओरत ही तो है जो मानव जाति की निरतरता को बनाए रखने के लिए न जाने इतनी तकलीफों से गुजरती थी I
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